उरदना-कपसा मार्ग पर मौत के गड्ढे, जिम्मेदारों की आंखों पर पट्टी! क्या किसी की जान जाने के बाद जागेगा प्रशासन?
हमीरपुर मौदहा । मौदहा विकासखंड के उरदना गांव में मौदहा-कपसा मार्ग की बदहाली ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सड़क पर जलभराव, कीचड़ और गहरे गड्ढे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी समझ से परे है। आखिर जनता की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर मुद्दा अधिकारियों की प्राथमिकता में क्यों नहीं है?

विडंबना देखिए कि शारदीय नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर भी श्रद्धालुओं और राहगीरों को कीचड़ व दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी में डूबे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, ई-रिक्शा सवारों और पैदल चलने वालों पर दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है। इसी मार्ग पर ई-रिक्शा पलटने की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण लगातार उक्त समस्या के समाधान की मांग कर रहे है व मीडिया के माध्यम से सड़क की दुर्दशा उजागर की जा रही है, फिर भी मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।उक्त समस्या पर आज गांव निवासी रूपेश कुमार आदि ने सीएम पोर्टल शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराकर सड़क की मरम्मत कराई जाए। आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेंगे? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? सड़क की मरम्मत कोई एहसान नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा के प्रति अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्रवाई हादसे से पहले होनी चाहिए, किसी की जान जाने के बाद नहीं।




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