कुतुब-ए-बुंदेलखंड हजरत बाबा निजामी का सालाना उर्स 18 अक्टूबर से, चार दिन तक सजेंगी रूहानी महफिलें
( एजाज अहमद उर्फ समीर)
मौदहा (हमीरपुर)। कोतवाली क्षेत्र के कम्हरिया गांव स्थित प्रसिद्ध सूफी संत कुतुब-ए-बुंदेलखंड हजरत अब्दुल्लाह शाह बाबा निजामी रहमतुल्लाह अलैह का चार दिवसीय सालाना उर्स 18 अक्टूबर से शुरू होगा।
उर्स की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीनों और अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।उर्स के पहले दिन मिलाद शरीफ और अखिल भारतीय नातिया मुशायरा आयोजित होगा। 19 अक्टूबर की सुबह कुरानख्वानी के बाद बाबा के पैतृक मकान से चादर निकाली जाएगी, जो मोहल्ले का भ्रमण कर आस्ताने पर पेश की जाएगी। रात में महफिल-ए-शमा सजेगी। 20 अक्टूबर को भी धार्मिक कार्यक्रमों और महफिल-ए-शमा का आयोजन होगा। 21 अक्टूबर की सुबह कुल शरीफ की फातिहा और कव्वाली के साथ उर्स का समापन होगा।संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, मेला कमेटी जायरीनों की सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था में जुटी है। बाबा की मजार और गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। खानकाह मुख्तारिया निजामिया की ओर से तीन दिनों तक लंगर भी आयोजित किया जाएगा। बाबा निजामी का उर्स हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल माना जाता है।




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