हमीरपुर मौदहा। वी बी जी राम जी के तहत मजदूरों की उपस्थिति के आंकड़ों में अचानक आए भारी उतार-चढ़ाव ने संबंधित अधिकारियों और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया प्रबंधनं कर तैयार किए आंकड़े खुद व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कल दिनभर रिमझिम बारिश के बीच मौदहा ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में शाम 6 बजे तक 1,564 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जो देर रात बढ़कर 2,744 पहुंच गई। वहीं, आज शाम 5:30 बजे तक मौदहा ब्लॉक में मजदूरों की उपस्थिति शून्य रही। दूसरी ओर कुरारा में 2 , राठ में 230 और सुमेरपुर में मात्र 100 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज हुई।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कल सारा दिन रिमझिम बरसात मे जनपद में कुल 6,180 मजदूरों की उपस्थिति के मुकाबले आज खुले मौसम में यह आंकड़ा घटकर महज 332 रह गया।
सवाल यह है कि क्या एक ही दिन में मजदूरों की उपलब्धता और कार्यस्थलों की स्थिति में इतना बड़ा अंतर स्वाभाविक है?बारिश के बीच अचानक बढ़े आंकड़े और अगले दिन खुले मौसम में लगभग ठप हुई उपस्थिति ने वी बी जी राम जी में लगे निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आखिर इन आंकड़ों का आधार क्या है?
क्या वास्तव में कार्यस्थलों पर मजदूर मौजूद थे या कागजी आंकड़ों का खेल चल रहा है? इन बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है। जिसे आलाधिकारियों को गम्भीरता से लेकर दोषियों के विरुद्ध दंडनात्मक कार्यवाही करनी चाहिए ताकि केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ भ्रष्ट सिस्टम के बजाय वास्तविक मजदूरों को मिले और पलायन रुक सके।




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