यदि निगरानी अधिकारियों की सक्रियता से कोई गड़बड़ी सामने आई है और लगाम लगी तो निश्चित रूप से सराहना बनती है।
हमीरपुर मौदहा। वीबी-जी राम जी योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में अचानक आई भारी गिरावट चर्चा का विषय बन गई है। कल शाम तक हमीरपुर जनपद में 19,834 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही थी, जबकि अकेले मौदहा ब्लॉक का आंकड़ा 5,629 था। लेकिन आज 28 अक्टूबर 2026 को पोर्टल पर प्रदर्शित आंकड़ों में पूरे जनपद के सातों ब्लॉकों की कुल उपस्थिति घटकर 1,508 और मौदहा की महज 129 रह गई।
क्लोन ऐप का खेल या निगरानी अधिकारियों की खुली नींद?आंकड़ों में इस अप्रत्याशित बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वास्तव में कार्यस्थलों पर मजदूरों की संख्या घटी, या डिजिटल हाजिरी के पीछे कोई तकनीकी गड़बड़ी अथवा अनियमितता थी? या निगरानी व्यवस्था अचानक सक्रिय हो गई? कल तक हाजिरी का घोड़ा हजारों की रफ्तार से दौड़ रहा था, आज अचानक ब्रेक लग गया! यदि निगरानी अधिकारियों की सक्रियता से कोई गड़बड़ी सामने आई है और लगाम लगी तो निश्चित रूप से सराहना बनती है। लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
जिला प्रशासन को पोर्टल रिकॉर्ड, मस्टर रोल, जियो-टैग तस्वीरों और फेस ऑथेंटिकेशन लॉग की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए , ताकि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना का लाभ वास्तविक मजदूरों को मिले किसी मशीन को नहीं।




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